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भारत में तंबाकू के खतरे पर इलाज: नवीनतम कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षक करेंगे बदलाव का नेतृत्व

मुंबई, २४ जनवरी २०२४ (GNI):- अपनें देश में तंबाकू से संबंधित मृत्यु का दर ३७०० व्यक्ती प्रतिदिन है. महाराष्ट्र में सम्पूर्ण जनसंख्या के २७ प्रतिशत लोग तंबाकू के सेवन से होनेंवाली समस्याओं से जुंझ रहें है. राज्य में इसी समस्या पर उपाय ढूंढने हेतु नवीनतम उपक्रम की शुरुआत की जा रहीं है, इस के तहत स्कूलों में तंबाकू नियंत्रण के प्रयासों को बढ़ानें के लिए शिक्षकों को एक महत्त्वपूर्ण प्रभावशाली व्यक्ति के रुप में पेश किया जा रहा है.

नवी मुंबई में स्थित हिलीस सेखसरिया इन्स्टिट्यूट फॉर पब्लिक हेल्थ ने अमेरिका में स्थित हारवर्ड टी. एच. चैन स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ (एचएसपीएच) और डाना फारबर कैन्सर इन्स्टिट्यूट (डीएफसीआई) के साथ मिलकर बिहार शिक्षा विभाग के सहयोग से (डीओई) महत्त्वपूर्ण तंबाकू मुक्त शिक्षक – तंबाकू मुक्त समाज कार्यक्रम की शुरुआत की है. इस उपक्रम के तहत शिक्षकों से संबंधित तंबाकू नियंत्रण के लिए बननेंवाला पहला कार्यक्रम बना है.

तंबाकू मुक्त शिक्षक – तंबाकू मुक्त समाज यह वैज्ञानिक शोध से मिले प्रमाण पर आधारित उपक्रम है जिसके तहत शिक्षकों को तंबाकू मुक्त करनें के साथ ही बिहार के विद्यालयों में तंबाकू नियंत्रण योजनाओं पर अमल किया गया है. २००९- २०११ के दौरान कुछ चुनिंदा विद्यालयों में इस उपक्रम की शुरुआत की गई थी और इस उपक्रम को अच्छी प्रतिक्रिया प्राप्त हुई, जिस से ५० प्रतिशत logo ne तम्बाकू का सेवन छोड़ दिया और ९२ प्रतिशत विद्यालयों ने तंबाकू मुक्त विद्यालय पर सफ़लतापूर्वक अमल किया.

महाराष्ट्र में तंबाकू के दुष्परिणामों की छाया जनसंख्या पर बड़े पैमानें पर है, लगभग २७ प्रतिशत जनता को तंबाकू सेवन के कारन होने वाली समस्याओं का सामना करना पड रहा है. इस हानीकारक लत का प्रमाण काफी है. इस के कारण राज्य के लोगों को विशाल मात्रा में सेहत से संबंधित समस्याओं से जुंझना पडता है. मुंबई की भीड़भाड के अलावा पुणें के कुदरती सुंदरताओं के साथ ही यहा तंबाकू के कारण मृत्यु होनें की संख्या भी अधिक है. इस से केलव मौत ही नहीं बल्की श्वसन से संबंधित समस्याएं, दिल की बिमारीयां और विविध प्रकार के कैन्सर जैसी बिमारीयां भी फैलती है. सार्वजनिक सेहत पर होनें वाला यह परिणाम देखतें हुए नवीनतम उपायों की जरुरत है. तंबाकू मुक्त शिक्षक – तंबाकू मुक्त समाज कार्यक्रम की शुरुआत की गई है. इस के तहत समाज, शिक्षक और लोगों को तंबाकू के घातक परिणामों से निजात पानें के लिए सक्षम किया जाएगा.

“तंबाकू के विरोध में शिक्षकों को बदलाव के निर्माता के रुप में प्रभावशाली व्यक्तित्व बनाते हुए समाज को तंबाकू मुक्त और सेहतमंद भविष्य हम दे रहे है. “तंबाकू मुक्त शिक्षक – तंबाकू मुक्त समाज” कार्यक्रम के कारण शिक्षा क्षेत्र में बदलाव की उर्जा प्राप्त करतें हुए सेहत के लिए खतरों को कम करनें का प्रभावी समाधान है.” हिलीस सेखसरिया इन्स्टिट्यूट फॉर पब्लिक हेल्थ के संचालक डॉ. प्रकाश गुप्ता ने कहा.

परियोजना की जानकारी:

बिहार राज्य में यशस्वी होनें के बाद किए गए संशोधन से यह प्राप्त हुआ है की यह प्रकल्प विशाल मात्रा में शुरु किया जा रहा है. इस के बाद प्रकल्प की टिम ने प्रधानाचार्य और शिक्षकों के लिए एक स्वयं सहायता संदर्शिका उपक्रम के प्रमाण पर आधारित बनाई है. इस संदर्शिका के माध्यम से विद्यालयों के प्रमुखों को तंबाकू के सेवन से मुक्ती प्राप्त करनें के साथ ही विद्यालयों में तंबाकू मुक्त वातावरण निर्माण करनें पर जोर दिया जाएगा.

स्वयं सहायता संदर्शिका के कुछ महत्त्वपूर्ण अंश :

१. “तंबाकू मुक्त शिक्षक – तंबाकू मुक्त समाज” कार्यक्रम साहित्य:

    ◦ कार्यक्रम को खुद अमल करतें हुए मुख्याध्यापकों को सक्षम करना  

    ◦   शिक्षकों को प्रभावशाली व्यक्तित्व के रूप में प्रस्तुत करना, तंबाकू उपयोग के कारन सेहत पर होनेवाले हानिकारक परिणाम, लत छोडनें के लिए प्रोत्साहन देना, लत छोडनें की कुशलता, लत छोडतें समय परिणामों का नियोजन और इस बदलाव को जारी रखतें हुए सफलता का उत्सव मनाना हैसे छ: विषयों पर आधरीत कार्यक्रम

२. तंबाकू सेवन छोडना/रोकनें के लिए सहकार्य करना :

   ◦ प्रधानाचार्य / शिक्षकों को लत के बारें में समझाना.

    ◦ अधिक जानकारी और प्रत्यक्ष सलाह के लिए सरकारी टोल फ्री नं. (१८००-११२-३५६) पर संपर्क करनें की सलाह देना.

३. तंबाकू मुक्त विद्यालयों के लिए योजना:

    ◦ पढ़ाई के साहित्य और गुटों में चर्चाओं के माध्यम से अनिवार्य अमल पर मार्गदर्शन करना.

४. पोस्टर्स और दिवारों पर चित्र :
◦ हर माह विषयों के अनुसार आसान चर्चा करतें हुए विद्यालय को तंबाकू मुक्त बनाने का प्रयास करना.

परिपालन की समय सारिणी:

“तंबाकू मुक्त शिक्षक – तंबाकू मुक्त समाज” कार्यक्रम के तहत संदर्शिका में समय सारिणी बनाई गई है जिस में शैक्षणिक संस्थाओं को तंबाकू मुक्त करनें पर जोर दिया गया है. इस के अंतर्गत तंबाकू मुक्त समाज का निर्माण करतें हुए प्रात्यक्षिक और कहानियों के माध्यम से तंबाकू उपयोग के कारन सेहत पर होनेवाले हानिकारक परिणामों के बारें में जागरुकता निर्माण की जाएगी, इस के अलावा सेवन की इच्छा पर नियंत्रण प्राप्त करनें के लिए पर्यायी पध्दतीयों की भी सुचनाएं दी जाती है.

“आज प्रकाशित कि जानें वाली संदर्शिका महाराष्ट्र के शिक्षकों को “तंबाकू मुक्त शिक्षक – तंबाकू मुक्त समाज” कार्यक्रम को अपने विद्यालय में अमल करने का अवसर प्रदान करेगी साथ ही विद्यालय, समाज, और महाराष्ट्र को तंबाकू मुक्त और सेहतमंद बनाने का एक उत्कृष्ट अवसर प्रदान करेगी.” हिलीस सेखसारिया इन्स्टिट्यूट फॉर पब्लिक हेल्थ के नवी मुंबई के संचालक डॉ. मंगेश पेडणेकर ने कहा.

हिलीस सेखसरिया इन्स्टिट्यूट फॉर पब्लिक हेल्थ के बारें में

लगभग दो दशकों से अधिक समय से हिलीस सेखसरिया इन्स्टिट्यूट फॉर पब्लिक हेल्थ ने नवीनतम विज्ञान के साथ सबुतों पर आधारीत वैज्ञानिक संशोधन की मदद से सार्वजनिक सेहत से संबंधित काम जारी रखा है.सार्वजनिक स्वास्थ्य क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण वैज्ञानिक संशोधन करते हुए, संस्थान इसके परिणामों को समाज के लाभ में परिवर्तित करता है.ends GNI

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