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सिंगापूर के सबसे ऊँचे भित्त चित्र कलाकृतियों में से एक का निर्माण सिंगापुर टूरिज़म बोर्ड और स्टार्ट (St+art) इंडिया फाउंडेशन ने सिंगापुर आर्ट वीक में सिंगापुर और भारत के दो नामचीन कलाकारों ने मिलकर बनाए हुए म्यूरल को प्रदर्शित करने के लिए मिलाए हाथ

संलग्नक ए:  “डांसिंग इन यूनिसन” भित्ति चित्र कला

भारत, 22 जनवरी 2021: सिंगापुर टूरिज़म बोर्ड (एसटीबी) ने लिटिल इंडिया, सिंगापुर में एक सहयोगी कलाकृति प्रस्तुत करने के लिए स्टार्ट इंडिया फाउंडेशन (St+art) के साथ साझेदारी की है। “डांसिंग इन यूनिसन” नाम की अनोखी म्यूरल कलाकृति को भारतीय गोंड कलाकार भज्जू श्याम और सिंगापुरी कलाकार सैम लो ने मिलकर बनाया है। यह इस शहर के सबसे बड़े भित्त चित्र कलाकृतियों में से एक है।

इस म्यूरल के पीछे कई महीनों का नियोजन है जिसमें दोनों कलाकारों ने इस रचना को साकार करने के लिए एक दूसरे के साथ वर्च्युअली बातचीत की। म्यूरल के वर्णन के लिए कृपया संलग्नक ए देखें। कोविड-19 के वजह से जारी किए गए प्रतिबंधों के कारण इस पूरी रचना को केवल सैम लो ने चित्रित किया है। यह म्यूरल “आर्टवॉक 2021” के प्रमुख आकर्षणों में से एक है। अब यह म्यूरल 20 से भी ज्यादा म्यूरल्स की सीरीज़ का हिस्सा बना है जिन्हें लिटिल इंडिया में सार्वजानिक कला महोत्सव के पिछले 6 संस्करणों में निर्माण किया है और जो स्थानीय निवासियों और भारतीय पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। अलग-अलग देशों में रहकर इन दो कलाकारों कलाकृति के निर्माण के लिए किए हुए प्रयास आर्टवॉक 2021 की संकल्पना – “इन स्पाइट ऑफ़” के अनुरूप हैं, कलाकारों ने कई मर्यादाओं और भौगोलिक सीमाओं के बावजूद साथ मिलकर अपनी रचनाओं को साकार किया, यह केवल उनके जुनून और भविष्य में सद्भाव बने रहने की उम्मीद की वजह से ही संभव हो पाया है।

सिंगापुर और भारत के निपुण कलाकारों की कलाकृतियों को प्रस्तुत करने के लिए एसटीबी और स्टार्ट (St+art) के बीच साझेदारी तीसरी बार की जा रही है। सबसे पहली साझेदारी में 2017 में भारत में मुंबई के ससून डॉक्स में एसटीबी के ‘पैशन मेड पॉसिबल‘ ब्रांड को पेश किया गया था। हाल ही में 2019 नयी दिल्ली के लोधी आर्ट फेस्टिवल में सिंगापुर की शानदार स्ट्रीट आर्ट को दर्शाती हुई सिंगापुर गली को लोधी आर्ट डिस्ट्रिक्ट के ब्लॉक 13-16 में बनाया गया था।

एसटीबी के भारत, मध्य पूर्व और दक्षिण एशिया के रीजनल डायरेक्टर श्री जीबी श्रीथर ने कहा, “स्टार्ट इंडिया फाउंडेशन के साथ फिर एक बार साझेदारी करते हुए एसटीबी को बहुत ख़ुशी हो रही है। कोविड-19 की वजह से आयी हुई बाधाएं हमें रोक नहीं पायी और भारत सिंगापुर के बीच कला के प्रति एक समान आत्मीयता और जुनून को नए सिरे से प्रस्तुत करने में हम सफल हुए। भारतीय गोंड कला में माहिर भज्जू श्याम और समकालीन सिंगापुरी कलाकार सैम लो के बीच सहयोग के जरिए भारतीय गोंड कला सिंगापुर के कलाप्रेमियों के लिए पेश करते हुए हमें गौरव महसूस हो रहा है।  भारत और सिंगापुर में कई सांस्कृतिक समानताएं हैं और इस अवसर का उपयोग हम इन दो देशों के बीच भावनात्मक जुड़ाव को मज़बूत करने के लिए करना चाहते हैं। हम सभी 2021 की शुरूआत कर रहे हैं, इस पड़ाव पर यह अनोखी कलाकृति दो संस्कृतियों के बीच मित्रता का संदेश दे रही है और लिटिल इंडिया को भेंट देने वालों के लिए आकर्षण का विषय बनी है। इसकी बड़ी खासियत है कि यह सिंगापुर के सबसे ऊँचे म्यूरल्स में से एक है।”  

भज्जू श्याम गोंड कला पर जीवन निर्वाह करने वाले  सबसे पहले कलाकारों में से एक है। उनका जन्म और पालन-पोषण मध्य प्रदेश के पाटनगढ़ गाँव में हुआ, जो गोंड प्रधानों के घर के रूप में जाना जाता है। उन्हें 2018 में, पद्मश्री से सम्मानित किया गया, जो भारत के गणराज्य द्वारा दिया जाने वाला चौथा सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार है। सैम लो सिंगापुर के स्वयं-शिक्षित दृश्य कलाकार है, जिनका काम अपने आस-पास के दैनिक निरीक्षणों और सामाजिक राजकीय माहौल पर आधारित है। सैम पहले लोधी आर्ट फेस्टिवल के दौरान भारत आ चुके हैं जहाँ उन्होंने एक कार्यशाला का आयोजन किया और अपने खास स्पैरो डिज़ाइन के साथ लोधी कॉलोनी में एक भित्ति चित्र बनाया। सिंगापुर के एक अन्य कलाकार सोफ ओ के साथ मिलकर उन्होंने नई दिल्ली के अर्जन गढ़ मेट्रो स्टेशन को एक कलात्मक मेकओवर दिया।

स्टार्ट इंडिया फाउंडेशन की क्यूरेटर और सह-संस्थापक गूलिया अम्ब्रोगी ने कहा, “2017 से हम जिसके लिए तैयारी कर रहे थे उसे आगे बढ़ाने के लिए अनोखे सिंगापुरी वातावरण में पहली बार सिंगापुर टूरिज़म बोर्ड के साथ सहयोग करते हुए हमें बहुत ख़ुशी हो रही है। भज्जू श्याम और सैम लो के बीच सहयोग हमें फिर एक बार याद दिलाता है कि विभिन्नताओं के बावजूद हमारे बीच आतंरिक जुड़ाव है। मिलकर रहने और सीमाओं को दूर करने में जो शक्ति होती है वो इसमें दिखाई देती है और यह नए क्षितिज खोलता है जो हमें कला की उपचार करने और मुक्त करने की शक्ति की याद दिलाता है।”  

भित्ति चित्र के डिज़ाइन में पारंपरिक और समकालीन विचारों का मिलाप है जिसमें दुनिया की सबसे प्राचीन  संस्कृतियों में से एक, भारत और दूसरी ओर आधुनिक शहर – राज्य, सिंगापुर को प्रकृति के दृश्यों में एक साथ लाया गया है, यह हम सभी को जोड़ने वाली कड़ी को दर्शाता है। लिटिल इंडिया में 7-मंजिला ब्रॉडवे होटल की दीवार पर बनाए गए इस चित्र के माध्यम से, दोनों कलाकारों ने प्रकृति और उसके साथ हमारे संबंधों के मूल्य को दर्शाया है, अपनी -अपनी सोच को एक साथ लाकर यह दिखा दिया है कि अलग-अलग इतिहास और संस्कृतियों के बावजूद, हम सभी आपस में जुड़े हुए हैं। इस आंतरिक संबंध ने भौगोलिक और प्रणालीगत विभाजनों से परे जाकर सोच को प्रेरित किया है, इसमें कला जगत के विभाजन भी शामिल हैं।

यह सहयोग भज्जू श्याम की दुनिया के पारंपरिक तत्वों और विश्वास प्रणालियों को सैम के आधुनिक जगत के साथ जोड़ता है। “डांसिंग इन यूनिसन” शीर्षक वाला यह भित्ति चित्र, इस विचार को मूर्त रूप देता है कि प्रकृति और पर्यावरण के प्रति सम्मान हमारे सह-अस्तित्व का विश्वास दिलाता है। शहरी जीवन और प्रकृति के बीच मानों कोई नृत्य हो रहा हो इस तरह के तालमेल की संकल्पना पर यह कलाकृति साकार की गयी है।  पेड़  – भज्जू द्वारा डिजाइन की गई गोंड कला का एक प्रमुख तत्व – मानवी आवास (इमारत की खिड़कियों से दर्शाया गया) के शहरी वातावरण को घेरता है, ब्रह्मांड के लिए एक रूपक बन जाता है जहां जमीन से हवा तक सब कुछ आपस में जुड़ा हुआ है। भारत और सिंगापुर में सबसे आम पक्षियों में से एक होने के नाते, इस पेड़ की शाखाओं पर रंगीन चिड़ियाँ दर्शायी गयी हैं, जो सैम के कई चित्रों में स्वतंत्रता के प्रतीक के रूप में पायी जाती हैं। सैम का हिरण, भारत में एक पसंदीदा जानवर है,  गोंड कला के प्रति सम्मान दर्शाता है। यह समकालीन परस्पर संबंध को प्रदर्शित करता है जिसमें विभिन्न संस्कृतियों के तत्वों से एक वैश्विक वातावरण बनता है। सैम इस विचार को एक लाल रिबन के रूप में और भी गहरा करते है, यह उनके चित्रों में कई बार दिखाई देने वाला और एक डिज़ाइन है, यह एक सर्वव्यापी ऊर्जा की याद दिलाता है, जो हम सभी को जोड़ती है, और जो गोंड कला के साथ उनकी मान्यताओं को भी मजबूत बनाती है।

सिंगापुर टूरिज़म बोर्ड के बारे में: सिंगापुर टूरिज़म बोर्ड (एसटीबी) सिंगापुर के प्रमुख आर्थिक क्षेत्रों में से एक है और पर्यटन विकास के लिए प्रमुख एजेंसी के रूप में काम करता है। उद्योग भागीदारों और समुदाय के साथ मिलकर, हम एक गतिशील सिंगापुर पर्यटन परिदृश्य को आकार देते हैं। हम सिंगापुर को एक अनोखे, अद्भुत डेस्टिनेशन के रूप में  प्रस्तुत करते हुए पैशन मेड पॉसिबल ब्रांड को प्रत्यक्ष सामने लाते हैं, जो लोगों को अपने जुनून को साझा करने और प्रभावशाली बनाने के लिए प्रेरित करता है। अधिक जानकारी के लिए, www.stb.gov.sg या www.visitsingapore.com पर जाएं या ट्विटर @STB_sg (https://twitter.com/stb_sg) पर हमें फ़ॉलो करें।

स्टार्ट इंडिया फाउंडेशन (St+art) के बारे में: स्टार्ट इंडिया फाउंडेशन एक गैर-लाभकारी संगठन है जो सार्वजनिक स्थानों पर कला परियोजनाओं पर काम करता है।  कला को एक ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने के लिए पारंपरिक गैलरी स्थान से बाहर ले जाना और हम वास्तव में जहाँ रहते हैं वहां तक कला को पहुँचाना – कला को वास्तव में लोकतांत्रिक बनाना फाउंडेशन का उद्देश्य है। 2014 में अपनी स्थापना के बाद से, स्टार्ट ने भारत भर में दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, गोवा, चेन्नई, कोवई, चंडीगढ़, कलकत्ता और कई शहरों में कई स्ट्रीट आर्ट फेस्टिवल्स और सार्वजनिक कला परियोजनाओं का आयोजन किया है।ends

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