TECHNOLOGY

Catering to modern consumers’ healthy lifestyle, Duroflex launches eco-friendly range of sleep solutions under Natural Living

Launches eco-friendly mattresses, mattress toppers, pillows and bed linens made with 100% natural materials enabling consumers to make smart sustainable choices National, June 14, 2022 (GNI):  India’s leading sleep solutions brand, Duroflex, is at the…


Honda Motorcycle & Scooter India announces gate opening of Dreamers Café for Customers to Offer a Perfect Pit-Stop & a Rider’s Paradise after a Long Weekend Ride

Mumbai, 14th June 2022 (GNI): Senior HMSI Dignitaries Present at the Dreamers Cafe Gate Opening Ceremony – (L to R) P. Rajagopi (Operating Officer, Premium Motorcycle Business), Takahiro Honda (Chief Production Officer & Director, Production Planning & Control), Atsushi Ogata (President,…


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Tata Motors launches GenVoltz generators in Nepal, Equipped with the reliable Tata Motors engines, the generators will be available in 25kVA to 125kVA configurations

Kathmandu, 13th June 2022 (GNI): Tata Motors, India’s leading automobile company, along with its authorised distributor, Sipradi Trading Pvt. Ltd., launches the reliable and efficient range of GenVoltz generators in Nepal. Designed, developed and extensively tested at…



UPL signs MOU with G.B. Pant University of Agriculture & Technology to promote sustainable agriculture, Aims to develop biological solutions for farmer’s welfare

Mumbai, 10 June, 2022 (GNI): UPL Ltd., a global provider of sustainable agriculture products and solutions, announced collaboration with G.B. Pant University of Agriculture & Technology for developing sustainable solutions for the farmers. Keeping ‘Farmer…



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Blue Star Engineering & Electronics inaugurates its new first-of-a-kind Customer Experience Centre for Non-Destructive Testing systems at Thane, Maharashtra

Mumbai, 09th June 2022 (GNI): Blue Star Limited’s wholly owned subsidiary, Blue Star Engineering & Electronics Limited (Blue Star E&E), today announced the inauguration of its new Customer Experience Centre for Non-Destructive Testing (NDT) systems,…




घरेलू उपकरणों की आपकी पसंद और इनका सावधानीपूर्वक इस्तेमाल धरती को बचा सकता है

गोदरेज एंड बॉयस में गोदरेज एप्लाइंस के बिजनेस हेड और एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट कमल नंदी Mumbai, 06th June 2022 (GNI) विश्व पर्यावरण दिवस पर इस बार का विषय ‘ओनली वन अर्थ’ परिवर्तनकारी नीतियों को लागू करने और स्वच्छ, हरित जीवन शैली को अपनाकर प्रकृति के साथ सद्भाव में रहने के महत्व पर जोर दे रहा है। आज घरेलू उपकरण हमारे जीवन के हर पहलू में महत्व रखते हैं, ये हमारे और हमारे चाहने वालों के लिए रोजमर्रा के कामों को आसान बनाते हैं। इन उपकरणों की सुविधा के लिए बिजली और पानी जैसे संसाधनों का नियमित इस्तेमाल होता है, इसके अलावा इनके निर्माण के लिए भी संसाधन लगते हैं।  इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए इन उपकरणों को बनाने वाले और इनका इस्तेमाल करने वालों के लिए यह बेहद महत्वपूर्ण है कि वे इनके टिकाऊ उत्पादन व इस्तेमाल पर विचार करें। हाल ही में जारी इंडिया एनर्जी आउटलुक रिपोर्ट के मुताबिक ऊर्जा खपत के मामले में भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा देश है, इसका प्रमुख कारण बढ़ती आय और जीवनशैली में सुधार है। जैसे जैसे भारत की आबादी बढ़ती है और आय का स्तर बढ़ता है हमारा बुनियादीढांचा भी विकसित होगा-फलस्वरूप बिजली के उपकरणों के साथ जीवनशैली की गुणवत्ता मे सुधार होगा और ऊर्जा की खपत भी तेजी से बढ़ेगी।  इसका सीधा असर जलवायु संकट पर पड़ेगा जिसका हमारे देश के साथ साथ पूरी दुनिया पर गहरा प्रभाव होगा। इस मोड़ पर जरूरी है कि हम सभी अपने ग्रह की सुरक्षा के लिए सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाएं- इसकी शुरुआत ऊर्जा कुशल एवं पर्यावरण के अनुकूल उपकरणों के चयन से कर सकते हैं। जिम्मेदारी से करें एसी का चयन उपभोक्ताओं के जीवन को आसान बनाने वाले उन तमाम उपकरणों में से एयर कंडीशनर (एसी) एक ऐसा प्रमुख उपकरण है जिसका पर्यावरण पर सीधा असर होता है और इसलिए टिकाऊ पहल के तौर सबसे पहले इस पर ही ध्यान देना चाहिए। आमतौर पर पाया गया है कि साल दर साल गर्मियों में तापमान की हालत बिगड़ती जा रही है। मौसम विभाग के मुताबिक इस साल रिकार्ड तोड़ गर्मी पड़ रही है, देश के कई शहरों का तापमान 45 डिग्री से ऊपर चला गया। ऐसे में एसी अब लग्जरी से आगे बढ़कर भीषण गर्मी से राहत दिलाने की जरूरत बन गए हैं। हर एसी कमरे के तापमान को कम करने के लिए अपने एयर कंडीशनिंग सिस्टम में कुछ रेफ्रिजरेंट का उपयोग करता है। बहुत से उपभोक्ता ये नहीं जानते कि इन रेफ्रिजरेंट का पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। जबकि अधिकांश ब्रांड ओजोन के अनुकूल रेफ्रिजरेंट का इस्तेमाल करने लगे हैं, उपभोक्ताओं के लिए यह महत्वपूर्ण है कि वे अपने एसी में इस्तेमाल होने वाले रेफ्रिजरेंट की ग्लोबल वार्मिंग क्षमता (GWP) के प्रति सचेत रहें। R290 पर्यावरण के सबसे अनुकूल एसी रेफ्रिजरेंट है जिसका GWP सिर्फ 3 है, इसके बाद R32 है जिसका GWP 675 है। इसके अलावा कुछ ब्रैंड द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले अन्य रेफ्रिजरेंट जैसे R410a का GWP और भी भयानक करीब 1800 या उससे भी ऊपर है। रेफ्रिजरेटर में भी रेफ्रिजरेंट का इस्तेमल होता है और आम तौर पर R600a लगता है जिसका GWP सिर्फ 3 है। ऐसी भी एडवांस्ड कूलिंग टेक्नोलॉजी हैं जैसे थर्मो इलेक्ट्रिक टेक्नोलॉजी जो पूरी तरह रेफ्रिजरेंट मुक्त हैं और इनका GWP 0 है, इनका इस्तेमाल अभी छोटे कूलिंग उपकरणों में होता है। इन्हें बेडरूम, रसोई, बैठक या दफ्तरों में अतिरिक्त कूलिंग के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। ऊर्जा की बचत करने वाली विशेषताएं किसी बड़े उपकरण को खरीदने के लिए निवेश की आवश्यकता होती है, लेकिन इससे भी ऊपर इसके इस्तेमाल में होने वाली लागत का ध्यान रखना जरूरी है, यह निरंतर होने वाला खर्च है जिसे उपभोक्ता को जब तक उपकरण है तब तक वहन करना पड़ता है। भारत सरकार ने अपने ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी के तहत ऊर्जा रेटिंग प्रणाली निर्धारित की है जो एयर कंडीशनर, रेफ्रिजरेटर, वाशिंग मशीन जैसे घरेलू उपकरणों को उनकी बिजली की खपत के आधार पर 1 से 5 स्टार तक की रेटिंग प्रदान करती है। जिसकी जितनी ऊंची रेटिंग उतनी ही कम ऊर्जा खपत। इसलिए, उपभोक्ताओं को उपकरणों की स्टार रेटिंग पर गौर करना चाहिए और इससे भी आगे, अधिक बेहतर विकल्प चुनने के लिए उपकरणों की ऊर्जा दक्षता रेटिंग पर भी अध्ययन करना चाहिए। एयर कंडीशनर में अधिकतम ऊर्जा खपत होती है और इनका एनर्जी लेबल ISEER (इंडियन सीजनल एनर्जी एफिशिएंसी रेश्यो) की पूरी जानकारी देता है। ISEER अनुमानित बिजली खपत के साथ-साथ एसी की ऊर्जा दक्षता को यूनिट में मापने का एक अनुपात है। पानी एक और महत्वपूर्ण संसाधन है, हालांकि यह बड़ी मात्रा में उपलब्ध है लेकिन फिर भी हमें इसकी बर्बादी को लेकर गंभीर होना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए की आने वाली पीढ़ी के लिए इसकी पर्याप्त उपलब्धता रहे।  वॉशिंग मशीन और डिशवॉशर जैसे कई घरेलू व रसोई के उपकरण पूरी तरह पानी पर निर्भर हैं। उपभोक्ताओं को इनका इस्तेमाल करते वक्त इको फ्रेंडली मोड का चयन करना चाहिए, उदाहरण के तौर पर इको मोड स्वचालित रूप से पानी, ऊर्जा और समय को समायोजित करता है और सुनिश्चित करता है कि बिजली खपत कम से कम हो। ग्रीन सोचें और स्मार्ट काम करें पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव पर सावधानीपूर्वक विचार करने और उपकरण खरीदते समय अधिक पर्यावरण हितैषी विकल्प बनाने के अलावा, उपभोक्ताओं को पर्यावरण पर इसके प्रभाव को ध्यान में रखते हुए अपने उपकरणों का अधिक सचेत रूप से उपयोग करना चाहिए। इसके लिए सामान्य बातें जो ध्यान रखनी हैं वे हैं, इस्तेमाल के तुरंत बाद बिजली से चलने वाले सभी उपकरणों को तुरंत बंद करें, उन्हें स्टैंड बाय मोड पर रखने के बजाय सीधे स्विच बंद करें, गैरजरूरी इस्तेमाल से बचें, नियमित रखरखाव करें। एसी को लगातार कम तापमान पर चलाने के बजाय 24 डिग्री पर इस्तेमाल करना चाहिए क्योंकि कम तापमान पर बिजली अधिक खर्च होती है। रात में स्लीप मोड का इस्तेमाल करें। एसी चालू हो तो दरवाजों और खिड़कियों को बंद रखें, दिन में एसी चलाएं तो पर्दे डालकर रखें और समय समय पर एसी का फिल्टर साफ करते रहें। एसी का टिकाऊ इस्तेमाल करने के लिए उपभोक्ता इन तरीकों को अपना सकते हैं। कंपनियों और उपभोक्ताओं को टिकाऊ, पुनर्चक्रण योग्य और पर्यावरण के अनुकूल उत्पाद पैकेजिंग पर भी ध्यान देना चाहिए और ई-कचरे के लिए उचित रीसाइक्लिंग विकल्पों का उपयोग करना चाहिए। हम अपनी आने वाली पीढ़ियों के लिए आज हरित विकल्पों को अपनाने और जिस तरह के जलवायु संकट का दुनिया सामना कर रही है उसे दूर करने के लिए एक ईमानदार प्रयास करने के लिए जिम्मेदार हैं। इसके अलावा अगर हमें कोई और कारण भी चाहिए तो, ये कदम किसी उत्पाद के इस्तेमाल में आने वाली लागत को कम करते हैं और उपभोक्ताओं को पैसे बचाने में मदद करते हैं। इसलिए पर्यावरण के अनुकूल विकल्प स्पष्ट रूप से सभी के लिए एक जीत की स्थिति है यह लेख  गोदरेज एंड बॉयस में गोदरेज एप्लाइंस के बिजनेस हेड और एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट कमल नंदी ने तैयार किया है। ends GNI SG